वंशवादी इतिहास या विज्ञान और कला का इतिहास?

हाल ही में जयपुर डायलॉग में मेरा एक वक्तव्य हुआ.  विषय था “प्राचीन भारत– वंशवादी  इतिहास  या विज्ञान और कला का इतिहास?”. वक्तव्य हिंदी में था.

इसका ट्वीट  यहां है. https://twitter.com/sankrant/status/1588949686706384896

और विडियो इस लिंक पर देख सकते  हैं. Ancient India | Dr. CK Raju, Meenakshi Jain, Abhijit Chavda, Ved Veer Arya

जिन्हें पढ़ना ज्यादा पसंद  है वह मेरे  नोट्स देख लें. http://ckraju.net/papers/presentations/notes-Jaipur-Hindi.html.

इस वक्तव्य में वही पुरानी बात 1+1=2  का दोबारा जिक्र हुआ है,  और कुछ समझाया भी है  कि यह प्रत्यक्ष से क्यों साबित नहीं हो सकता है मैथमेटिक्स में, और क्यों इसे स्वयंसिद्ध मानना भी गलत है.

वैसे मैं समझता हूं की 1+1=2 का सबूत खामोशी से या गाली गलौज से भी हो सकता है,  जैसे कि पहले कई फोरम में हो चुका है.  गाली गलौज को उचित  ठहराया जाएगा  क्योंकि  यह संवेदनशील मामला है. अगर हमारे विश्वविद्यालय के व्याख्याता   इस मामले में अपना अज्ञान मान लें  तो नैतिकता की शायद यही मांग होगी कि उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए. लेकिन जिसे राजनीति मालूम है, और  जो ब्रिटिश हुकूमत  और चर्च  के गुप्त तरफदार हैं, उन्हें बाकी कुछ ज्ञान की क्या जरूरत है?

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